ऋषिकेश। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा  शुरू होने में कुछ घंटे बचे हैं। चार धाम यात्रा के लिए आज तीर्थ यात्रियों का पहला जत्था ऋषिकेश से रवाना होगा। चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह नजर आ रहा है। ऋषिकेश के यात्रा ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के लिए दूसरे दिन भी तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी है।

कल खुलेंगे गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट

शुक्रवार 10 में को श्री गंगोत्री धाम, श्री यमुनोत्री तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। 12 को श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण पूर्व में ही खोल दिए गए थे।

आफलाइन पंजीकरण भी आरंभ

बुधवार से ऋषिकेश तथा हरिद्वार में आफलाइन पंजीकरण भी आरंभ कर दिए गए हैं। ऑफलाइन पंजीकरण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गुरुवार को ऋषिकेश से चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया जाएगा, जिसके लिए सभी तैयारी की गई है।

बीकेटीसी के अध्यक्ष ने की अपील 

इस बीच बदरी-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे भक्तिभाव से दर्शन करने आएं, सोशल मीडिया की रील बनाने से बचें। मंदिर समिति भविष्य में मोबाइल को प्रतिबंधित करने पर भी विचार कर रही है। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि चारधाम यात्रा में उन्होंने दर्शन की व्यवस्था पूरी कर ली है। केदारनाथ धाम में आस्था पथ से लेकर मंदिर तक रेलिंग बनाई गई है। बदरीनाथ धाम में भी व्यवस्था सुदृढ़ की गई है। ताकि तीर्थयात्री बिना किसी परेशानी दर्शन कर सकें। किसी तरह की मारामारी न हो। उन्होंने ये भी बताया कि सरकार ने फिलहाल 25 मई तक सभी राज्यों से वीआईपी, वीवीआईपी को दर्शन के लिए न आने का अनुरोध किया है। वहीं, मंदिर समिति ने भी सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे वीआईपी के साथ तस्वीरें लेने, मालाएं पहनाने से दूर रहें। इससे दर्शन के दौरान अव्यवस्था नहीं होगी।

लॉकर में रख सकेंगे तीर्थयात्री अपना सामान

अजेंद्र अजय ने बताया कि केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम में दर्शन की प्रक्रिया को इस बार और सरल बनाने पर जोर दिया गया है। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार यात्रा को लेकर समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, मंदिर समिति की टीमें भी पहले से ही तैनात हो गई हैं। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वह दोनों धाम में व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग करें। सोशल मीडिया के लिए रील बनाने से बचें। भक्तिभाव से दर्शन करने आएं। उन्होंने ये भी बताया कि दोनों धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत लॉकर बनाए जा रहे हैं। लॉकर में तीर्थयात्री अपने सामान रख सकेंगे। तब मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान मोबाइल, कैमरा को पूर्ण प्रतिबंधित किया जाएगा।

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