यूसीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा कूच करने पहुंचे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कार्यकर्ताओं के साथ रिस्पना पुल समीप लगे बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोक-झोंक हुई।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा, यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप प्रावधान उत्तराखंड की संस्कृति व गरिमा के खिलाफ है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी। प्रदेशभर में दो माह तक आंदोलन चलाकर आम लोगों से लिव-इन के प्रावधानों पर राय मांगी जाएगी।

लिव-इन पर राज्य का निवासी बनाने का षड्यंत्र

इसके लिए एक फार्म का प्रारूप तैयार किया है। इसे एकत्र कर ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। साथ ही ऑनलाइन के माध्यम से लोग अपनी राय साझा कर सकेंगे। माहरा ने कहा, यूसीसी के माध्यम से बाहरी लोगों को एक साल के लिव-इन पर राज्य का निवासी बनाने का षड्यंत्र है।

वहीं मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता विरेंद्र सिंह खुराना ने कहा, यूसीसी उत्तराखंड की प्राथमिकता नहीं है। यह कानून बुनियादी सवालों से मुंह फेरने की कोशिश है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि यूसीसी से भाजपा सरकार लोगों को अनावश्यक प्रक्रिया में उलझाकर बुनियादी सवालों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

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