साल में दूसरी बार आज रविवार को एक बार फिर पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 2500 मीटर व इससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी के आसार बताए गए थे। जबकि उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग के तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी बताई गई। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है।

बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी

चमोली में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अपने घरों में दुबके रहे। शनिवार को सुबह चटख धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली। निचले क्षेत्रों में आसमान में बादल छ गए, जबकि बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी के साथ ही नीती व माणा घाटियों में बर्फबारी शुरू हो गई, जो देर शाम तक भी होती रही। 


बर्फबारी व वर्षा से शीत के चपेट में प्रदेश

प्रदेश में मौसम ने शनिवार को फिर करवट बदली और चारधाम, हेमकुंड साहिब, औली समेत हिमालय की चोटियों पर जोरदार बर्फबारी हुई। भारी बर्फबारी से कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हैं। राज्य में 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। चोटियों पर दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी का क्रम जारी रहा। निचले क्षेत्रों में वर्षा और ओलावृष्टि हुई। बर्फबारी व वर्षा के बाद समूचा प्रदेश शीत की चपेट में आ गया। अधिकतर क्षेत्रों में तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। 

बर्फबारी को लेकर लेकर अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तीन हजार से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात और मैदानी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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