देहरादून। अंकिता भंडारी मर्डर केस में संघ पृष्ठभूमि के भाजपा पदाधिकारी का बतौर वीआईपी नाम सामने आने के बाद उत्तराखण्ड पुलिस ने अपना पक्ष रखा है। आईजी नीलेश आनंद ने कहा है कि अगर अंकिता के माता पिता कोई सबूत SIT को देते हैं तो जांच की जाएगी। यहां जारी बयान में कहा गया है कि जांच व कोर्ट में गवाही के दौरान किसी वीआईपी का नाम सामने नहीं आया। बयान में कहा गया है कि अंकिता को न्याय दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी की मां के वायरल वीडियो व पिता की ओर से डीएम को लिखे पत्र के बाद कांग्रेस ने वीआईपी को लेकर भाजपा पर कड़े प्रहार किए थे। भाजपा संगठन में अहम पद पर बैठे नेता का नाम सामने आने के बाद भाजपा असहज नजर आ रही है।

पढ़िए पुलिस का बयान

नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक पी/एम एवं प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय ने बताया कि मीडिया एवं सोशल मीडिया पर अंकिता भण्डारी के माता-पिता द्वारा वर्तमान में अंकिता भण्डारी केस से सम्बन्धित तथाकथित वीआईपी के बारे में कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता को नामित करते हुए ये आरोप लगाया है कि पूर्व में हुई विवेचना में इन महानुभाव से संबंधित तथ्यों को सम्मिलित नहीं किया गया है और इनके संबंध में अग्रिम विवेचना की मांग की गई है। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय इन आरोपों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करना चाहता है:

जनपद पौड़ी गढ़वाल के राजस्व क्षेत्र उदयपुर, पल्ला-2, तहसील यमकेश्वर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 1/2022 में शासन द्वारा गठित एस०आई०टी० द्वारा समस्त साक्ष्य संकलित कर सम्पूर्ण विवेचना के उपरान्त धारा 354ए/302/201/120बी भा०दं०वि० तथा 5(1) (डी) अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम में अभियुक्तगण पुलकित आर्य, अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता व सौरभ भास्कर के विरूद्ध दिनांक 16.12.2022 को आरोप पत्र मा० न्यायालय में प्रेषित किया गया है, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है

एस०आई०टी० की विवेचना के दौरान वादी श्री वीरेन्द्र भण्डारी एवं अंकिता भण्डारी की मां सहित सभी गवाहों के विस्तृत बयान अंकित किये गये थे तथा विचारण के दौरान इनके द्वारा न्यायालय में भी अपने कथन अंकित करा लिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि न तो विवेचना के दौरान और न ही न्यायालय में गवाही के दौरान उनके द्वारा किसी वीवीआईपी के बारे में कोई बयान या साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। आरोप पत्र दाखिल होने के लगभग 13 माह के बाद मीडिया में पुलिस विभाग की कार्यवाही पर इस प्रकार आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पुलिस विभाग की एसआईटी का नेतृत्व एक डीआईजी स्तर की अनुभवी और निष्ठावान महिला अधिकारी द्वारा किया गया था। यदि अंकिता के माता पिता के पास इस केस से संबंधित कोई नए साक्ष्य आए हैं तो वो आज भी एसआईटी के सामने उन्हें प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र है। पुलिस विभाग उनके द्वारा प्रस्तुत सभी नए तथ्यों के बारे में विधिसम्मत और त्वरित कार्यवाही करेगा। हम अंकिता के माता पिता के प्रति पूरी सहानुभूति रखते है और उन्हें पुनः विश्वास दिलाते हैं कि अंकिता को न्याय दिलाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे- श्री नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक पी/एम एवं प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय।

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