Kedarnath Closing 2022 : भैया दूज के पावन अवसर पर गुरुवार की सुबह ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गए। इस अवसर पर तीन हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।आज प्रात: तीन बजे केदारनाथ मंदिर खुल गया था और चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गयी थी। पुजारी टी गंगाधर लिंग द्वारा भगवान केदारनाथ के स्यंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया गया। ज्योर्तिलिंग को बाघांबर, भृंगराज फूल, भस्म, स्थानीय शुष्क फूल-पत्तों आदि से ढक दिया गया।
इस वर्ष रिकॉर्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
इसके साथ ही भकुंट भैरव नाथ के आह्वान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद कर दिया गया। इसके बाद पूरब द्वार को भी सील बंद किया गया। इस वर्ष रिकॉर्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
सात नवंबर को बंद होंगे द्वितीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट
इस अवसर पर सेना की 11 मराठा लाईट इ़न्‍फ्रेंट्री रूद्रप्रयाग के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा बाबा केदार की जय उद्घोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। वहीं द्वितीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट सात नवंबर तथा द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर को बंद हो जायेंगे।

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