उत्तराखंड के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों का कार्यकाल शुक्रवार को पूरा हो रहा है। जिसके बाद आठ नगर निगमों समेत 97 नगर निकाय शनिवार से प्रशासकों के हवाले हो जाएंगे। इसकी अधिसूचना जारी हो गई है। जिलाधिकारियों को प्रशासक का जिम्मा सौंपा गया है। प्रदेश में 97 नगर निकायों के चुनाव वर्ष 2018 में हुए थे, जिनका पांच वर्ष का कार्यकाल एक दिसंबर को खत्म हो रहा है।

दो निकायों नगर निगम रुड़की व नगर पालिका परिषद बाजपुर के चुनाव बाद में होने के कारण उनका कार्यकाल अगले वर्ष खत्म होना है। प्रमुख सचिव शहरी विकास आरके सुधांशु ने बताया कि नगर निगम रुड़की में केवल मेयर पद का चुनाव होना है। बाकी बोर्ड पूर्व की भांति ही कार्यरत रहेगा। +इसके अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री नगर पंचायतों में चुनाव नहीं होते। नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम के अनुसार कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन पहले अथवा बाद में निकायों के चुनाव कराए जाने चाहिए।

वहीं, नगर पालिका श्रीनगर के उच्चीकरण के बाद नगर निगम बनने के चलते वहां भी प्रशासक नहीं होगा। बाकी देहरादून नगर निगम समेत सभी निगमों, पालिकाओं, नगर पंचायतों में दो दिसंबर से प्रशासक तैनात हो जाएंगे। प्रशासक के तौर पर सभी जिलों के जिलाधिकारियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी अपने हिसाब से अब निकायों की सभी व्यवस्थाएं देखेंगे। आपको बता दें कि अभी नगर निकाय के चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची तैयार करने का काम किया जा रहा है। उधर, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की ओर से ओबीसी का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। इसके बाद ही निकाय चुनाव हो पाएंगे।

 

 

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